नव रस,अष्ट सिद्धी,नव निधी जब संयुक्त रूप से आत्मसात होने लगे तब उस झण को होली कहते हैं

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर महावीर मंदिर रमना आरा के महिला सदस्यों ने होलि मिलन का भव्य आयोजन किया,उक्त अवसर पर ढोलक झाल के माध्यम से होली कि पापरिक भजन का आयोजन हुआ, महावीर महाबीर मंदिर रमना आरा के महंत सुमन बाबा ने कहा कि जब नव रस,अष्ट सिद्धी,नव निधी जब संयुक्त रूप से आत्मसात होने लगे तब उस झण को होली कहते हैं,

प्राकृतिक जब उफान पर हो ,शिव और कृष्ण का जब हृदय मिलन हो ,बांसुरी और डमरू से जब एक हीं धुन निकलने लगे उस झण को होली कहते हैं,एसी होली महोत्सव महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर. होलि मिलन पर सभी भक्तों को मंगलमय शुभ कामना सहित महावीर जी का आशीर्वाद. कार्यक्रम कि व्यवस्था संचालन में देवराज ओझा.सुनिल सिंह अधिवक्ता.कुमार मोहित. संजय राय. पप्पु तिवारी.अर्जुन शुक्ला.आदी का सहयोग प्राप्त हुआ
