कर्म करने का अधिकार हमे मिला पर जो जैसा करेगा वैसा फल पायेगा

महावीर स्थान रामना मैदान, में राष्ट्रीय महिला परिषद माचा स्वामी महिला सेवा समिति द्वारा श्री सीताराम विवाह महोत्सव का आयोजन चल रहा है| कार्यक्रम के आठवें दिन प्रातः बेला में पूर्व आवाहित देवी देवताओं की पूजन वैदिक रीति रिवाज से आचार्य श्री ज्योति पाठक के द्वारा कराई गई श्री रामचरित्र मानस पाठकर्ता श्री शशि भूषण जी महाराज ने कहा कि रावण ब्राम्हण था पर रहन और खान पान दूषित होने से विचार गलत हुई, जिसके चलते अपनी और सपरिवार सहित नाश हो गया। राम और रावण की युद्ध नहीं बल्कि अधर्म पे धर्म की विजय प्राप्त हुई है,वही दोपहर २.३० से ५.३० तक श्रीमद भागवत कथा व्यास श्री प्रेममूर्ति प्रदीप जी महाराज श्रीधाम वृन्दावन से पधारे, श्रीकृष्ण जन्म नन्द उत्सव में भजन गाए ” नन्द जी आंगन में बज रही, आज बधाई “के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब से प्रभु इस धारा पे आए तब से उन्हें असुरों की उधार और भक्तों को आनंद दोनों ही स्वरूपों की झांकी जो जैसा विचार वैसी ही दिया।ईश्वर जो इस सृष्टि को चलाते है उन्हीं की प्रेरणा से दिन और रात,सुख और दुख को प्राप्त करते है अपनी पूर्व जन्म की कमाई से होता है। श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह प्रसंग की व्याख्यान करते हुए कहा ,कर्म करने का अधिकार हमे मिला पर उसका फल तो जो जैसा करता उसी का फल हम भोगते है, कथा के बाद श्रीराम जानकी विवाह मंदिर प्रांगण में बड़ी धूम धाम से सम्पन्न हुई,मंदिर प्रांगण में मांगलिक गीत से ऐसा लगता कि साक्षात् जनकपुर और अवध दोनों ही रूप मिला।ऊषा पाण्डेय जी”चारों दूल्हा में भड़का कमाल सखियां”प्रतिमा देवी ने “जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है”राधा शर्मा ने गीत “चलो रे सखि देखन को आज सवारों सुकुमार आयो रि”आशा देवी ने ” ओरी तर ओरी रे तर बैठे वर नीतियां,”राम सिया सिर सिन्दूर दही”और लीला सिंह ने गीत गाया” जादू कर गयो दशरथ की लाल री सखि ,और तन मन की ले गयो रि चैन” उसके बाद प्रसाद की वितरण डॉ टी पी सिंह के द्वारा किया गया वही इस आयोजन के कार्य को सही समय देते हुए रविशंकर तिवारी, जयप्रकाश तिवारी, ओम प्रकाश सिंह, मातादीन अग्रवाल, मुना बजरंगी,चंदन ओझा,संतोष चौरसिया अशोक पाण्डे,श्याम नारायण दुबे,नवल प्रसाद और मंच संचालक डॉ श्री सत्यनारायण उपाध्याय जी प्रति दिन अपनी मुलवान समय देते है।महिला समिति माया देवी,उर्मिला सिन्हा, प्रतिमा तिवारी,उमेश तिवारी जनक के रूप सरदार वीरेंद्र सिंह अधिवक्ता दशरथ के रूप में भूमिका रहे
संजय राय
