स्व. सुधीर केसरी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी


पूर्व वार्ड पार्षद नाथूराम ने सुधीर को एक निडर संघर्षकर्ता बाताया. अरूण श्रीवास्तव ने जेल में उनके साथ बिताए दिनों को याद करते हुए कहा कि सुधीर जेल प्रशासन से भी संघर्ष करने में पीछे नहीं रहते थे. शेषमणी कुमार सिन्हा उर्फ राजू जी ने आरा जेल गेट पर हुए पुलिस के साथ हुई झड़प के समय सुधीर के जुझारूपन को याद किया. गुलाबचंद प्रसाद जिन्होंने सबसे पहले सभी मित्रों को सुधीर के निधन की सूचना दी ने सुधीर केसरी के साथ जेल जीवन की अनन्य मित्रता को याद करते हुए अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की.
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए महासचिव सुशील कुमार ने बताया कि विगत २२ नवंबर से उनका स्वास्थ्य खराब चल रहा था. उन्हें टायफाइड हुआ, उसके कारण शुगर लेवल बहुत नीचे चला गया और वे कौमा की स्थिति में चले गये. सीटी स्कैन में उनके पेट में कैंसर जैसी बिमारी का पता चला, इस कारण उन्हें महावीर कैंसर अस्पताल लाया गया था. पर दुर्भाग्यवश कल यानी २ दिसंबर को रात ११ बजे इलाज शुरू होने के पहले ही सुधीर चल बसे. विगत कुछ वर्षों से सुधीर पटना में अपने छोटे बेटे के साथ रह रहे थे. सुधीर हम सभी के अनन्य मित्र होने के साथ ही एक जुझारू व्यक्तित्व के स्वामी थे. सरकारी सेवा में होने के बावजूद सामाजिक और संघर्षात्मक कार्यक्रमों में निरंतर भाग लेते रहे थे. उनके असामयिक निधन से पूरा जे. पी. सेनानी परिवार मर्माहत है.
शोक सभा में उपरोक्त साथियों के अलावे सर्वश्री सरफराज अहमद, रामाकांत ठाकुर,राना प्रताप सिंह, सलिल भारतीय, अशोक मानव, रवीन्द्रनाथ त्रिपाठी, दिनेश सिन्हा, उमेश केसरी, राघवेन्द्र प्रताप सिंह (विधायक) दीपक श्रीवास्तव आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे. सभी मित्रों ने सुधीर केसरी की शव यात्रा में शामिल होकर उन्हें अंतिम विदाई दी. दाह संस्कार के लिये उन्हें बक्सर स्मशान घाट के लिये विदा किया गया.
