अपने कर्मो के पाप को प्रयाश्चित करने के लिए भगवद कथा का श्रवण जरूर करे: कथावाचिका अर्चना दीदी
रामलीला के तीसरे दिन सीता स्वंयम्बर देख मुग्ध हुए दर्शक

आज हनुमान मंदिर रमना मैदान आरा के प्रांगण में भागवत कथा सह रामलीला के तीसरे दिन कार्यक्रम का प्रारंभ ठाकुर जी का पूजा अर्चना से भक्तों द्वारा किया गया। इसके बाद वृंदावन से आइ प्रसिद्ध कथा वाचिका अर्चना दीदी एवं हुनमान मंदिर के महंत सुमन बाबा के उपस्थिति में मुख्य अतिथि सत्येंद्र नारायण सिंह,त्रिवेणी सिंह, कुमार मोहित,कुमार रोहित यशवन्त नारायण, संजय राय के द्वारा संयुक्त रूप से ठाकुर जी की आरती किया गया।

इसके बाद आंगवस्त्र से सम्मानित किया गया। संचालन सचिव सुनील सिंह अधिवक्ता ने किया।
ततपश्चात कथावाचिका पूज्य अर्चना दीदी द्वारा भागवत कथा शुरू किया गया। भागवत कथा के तीसरे दिन समुंद्र मंथन तथा शिव पार्वती विवाह का श्रवण कराया गया। कथावाचिका अर्चना दीदी जी ने कहा कि मनुष्य जीवन में जाने अनजाने प्रतिदिन कई पाप होते है। उनका ईश्वर के समक्ष प्रायश्चित करना ही एक मात्र मुक्ति पाने का उपाय है।

उन्होंने ईश्वर आराधना के साथ अच्छे कर्म करने का आह्वान किया।जीवन में सत्संग व शास्त्रों में बताए आदर्शों का श्रवण करने का आह्वान करते हुए कहा कि सत्संग में वह शक्ति है, जो व्यक्ति के जीवन को बदल देती है। उन्होंने कहा कि व्यक्तियों को अपने जीवन में क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा, संग्रह आदि का त्यागकर विवेक के साथ श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए।
उसके बाद भव्य रामलीला का आयोजन काशी से आये मशहूर कलाकारों मंडली द्वारा रामलीला का प्रस्तुति किया गया। जिसमे सीता स्वयंबर तथा बाणासुर संवाद दिखाया गया। सीता स्वंयम्बर को देखने के लिए दर्शक काफी उत्साहित थे । जिसमे जिसका शुभारम्भ गुड्डू सिंह बबुआन, पवन जायसवाल, सतीश सिंह,राजेश कुमार, रविशंकर तिवारी ने भगवान राम एवं सीता की आरती कर किया।कार्यक्रम में उपस्थित लोगों में गुड्डू बबुआन,शम्भू चौरसिया, पवन जायसवाल, संजय राय, अंकित राय, सन्तोष कुमार, रवि सहाय, राजीव कुमार,अशोक तिवारी सहित सैकड़ों भक्त उपस्थित थे।
Sanjay Ray
