शहीद राजनाथकी शहादत दिवस पर भव्य समारोह आयोजित कुंवर सिंह महाविधालय परिसर में जुटे शाहाबाद क्षेत्र के लोग

कुंवर सिंह महाविधालय परिसर में शहीद राजनाथकी शहादत दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर शाहाबाद क्षेत्र के सभी जिलों से हजारो की संख्या में लोग उपस्थित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री सुरेंद्र सिंह ने की।अपने अध्यक्षीय संबोधन में श्री सुरेंद्र सिंह ने कहा कि यह शहीद राजनाथके संघर्ष और बलिदान का ही परिणाम है कि आज कुंवर सिंह महाविधालय की स्थापना संभव हुई, आरा-छपरा पुल का निर्माण हुआ तथा आरा-सासाराम के बीच बड़ी रेल लाइन की स्थापना हुई। उन्होंने बताया कि शहीद राजनाथने 21 अक्टूबर को “कुंवर सेना” नामक एक गैर-राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठन की स्थापना की थी, जिसने शाहाबाद क्षेत्र को मॉडल बनाकर विकास के लिए निरंतर संघर्ष किया।

श्री सिंह ने आगे कहा कि शहीद राजनाथ ने हमेशा गरीबों की आवाज़ बुलंद की, सांप्रदायिक सौहार्द को बनाए रखने का प्रयास किया, और भ्रष्टाचार के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। कुंवर सेना संगठन के नेता आज भी उनके पदचिह्नों पर चलकर समाजसेवा में लगे हुए हैं।कार्यक्रम के दौरान महासचिव श्री त्रिभुवन सिंह ने कहा कि कुंवर सिंह महाविधालय आंदोलन के प्रणेता शहीद राजनाथकी अब तक विश्वविद्यालय परिसर में प्रतिमा स्थापित नहीं हो सकी है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मंच से घोषणा की कि शहीद की प्रतिमा स्थापना के लिए संघर्ष और आंदोलन किया जाएगा।मुख्य वक्ता –शाहपुर विधायक राहुल तिवारी ने कहा की शहीद राजनाथ एक युगपुरुष थे ऐसे व्यक्ति बार –बार नही पैदा नही होते है ,जगदीशपुर विधायक डॉक्टर लोहिया जी ने कहा की शहीद राजनाथ के संघर्ष की देन है की शाहाबाद का विकास पूर्व विधायक आरा अनवर आलम ने कहा की राजनाथ जी को हमलोग नेताजी कहते थे | वे हमरा मार्गदर्शक रहे है |

पूर्व विधायक बडहरा श्रीमति आशा देवी ने अपने संबोधन में कहा की जीवन एवं मृत्यु में एक पल का फासला ही तो यह जीवन क्यों नही समाज एवं देश को समर्पित कर दिया जाया | यही नेता जी की सही श्रधांजली होगी |पूर्व विधान परिषद लाल दास राय ने कहा की शहीद राजनाथ एक विचार धारा थे वे बहुत बड़े चिन्तक भी थे |शहादत दिवस सभी राजनितिक दल के नेता के साथ –साथ ,प्रोफेसर ,शिक्षक ,वकील ,मुखिया ,सरपंच ,जिला परिषद के सदस्यों ने भाग लिया |प्रमुख लोगो में ,संजय सिंह ,अशोक शर्मा ,नवीन सिंह ,धीरेन्द्र सिंह ,रघुबर सिंह चंद्रवंशी ,डॉक्टर राजेन्द्र ,मोहमद हारुल ,अरुण कुमार सिंह ,मालिक यादव ,रिंकू सिंह ,श्रीराम ओझा सहित हजारो लोग श्रधान्जली सभा में सामील हुए |मंच का संचालन प्रोफेसर सत्यनारायण राम ने किया मुख्य वक्ताओं में प्रो. हिराजी राय ने कहा कि आज देशभर में जो ‘कुंवर सिंह विजय उत्सव’ मनाया जा रहा है, उसकी नींव सबसे पहले शहीद राजनाथने ही रखी थी। वहीं, प्रो. डॉ. गुलाब सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि शहीद राजनाथने नक्सल प्रभावित युवाओं से आह्वान किया था कि वे गरीबों की वास्तविक लड़ाई लड़ें, और उसमें उनका साथ दिया जाएगा। लेकिन इस लड़ाई की दिशा ऐसी होनी चाहिए जिससे गरीबों का सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्तर ऊँचा उठ सके। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद राजनाथ के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शुरुआत की गई कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने शहीद राजनाथके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लिया।