महावीर जयंती पर बताया जीने का कला


स्थानीय सत्य इंटरनेशनल स्कूल के परिसर में महावीर जयंती के अवसर पर बच्चो के बीच विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। सर्वप्रथम भगवान महावीर जी के तैल चित्र पर स्कूल के प्रधानाचार्य श्री केदारनाथ राय के द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।

जिसके बाद बच्चो को अहिंसा परमो धर्म के विचार से अवगत कराया गया।इस अवसर पर बच्चो ने भगवान महावीर जी के बताए गए जीने के शैली पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि भगवान महावीर के अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह (अनावश्यक संग्रह न करना), और जियो-जीने दो के सिद्धांतों के माध्यम से जीवन जीने की उत्तम कला बताई गई है।

यह आत्मसंयम, क्षमा, और सभी जीवों के प्रति दया भाव रखकर आंतरिक शांति व करुणा के साथ जीने की प्रेरणा देती है। वक्ताओं ने कहा कि अगर जीवन को सुंदर तरीके से जीना है तो भगवान महावीर के बताए गए उपदेश को आत्मशात करना चाहिए।


उक्त अवसर पर साहिबा परवीन , श्यामसुंदर सिंह, आनंद सिन्हा, विशाल कुमार, रवि शर्मा, रानी खातून, उमाशंकर प्रसाद, प्रकाश कुमार,रानी कुमारी, खुशी परवीन,आंचल कुमारी, शमा परवीन समेत कई थे