जे पी सेनानी,डॉ•उमेश चंद्र सिन्हा की श्रद्धांजलि सभा हुई


लोकनायक जयप्रकाश स्मारक संस्थान द्वारा डॉ. उमेश चंद्र सिन्हा की श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गयी. लोक नायक स्मारक स्थित मुक्त काला मंच पर जे. पी. सेनानियों और गणमान्य नागरिकों द्वारा दिवंगत साथी को श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया.


सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ जे. पी. सेनानी सुशील तिवारी ने और संचालन महासचिव सुशील कुमार ने किया. उमेश जी 1974 के आंदोलन के जुझारू कार्यकर्त्ता और सुप्रसिद्ध गणितज्ञ थे. विगत 29 जुलाई को ह्रदय गति रुक जाने के कारण दिल्ली में उनका निधन हो गया. उमेश जी वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति के. सी. सिन्हा के छोटे भाई थे. जे. पी आंदोलन के साथ – साथ आरा, पटना, नागपुर में छात्र-युवा संघर्ष वाहिनी के पूर्णकलिक कार्यकर्त्ता के रूप में वर्षों तक सक्रिय भूमिका निभाते रहे थे. बोध गया भूमि आंदोलन में उमेश जी की अग्रणी भूमिका रही थी. उस आंदोलन में भी वो गया जेल में रहे थे.


सुशील तिवारी ने बोध गया संघर्ष और आपातकाल में उमेश जी की जुझारू भूमिका का वर्णन करते हुए अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की. गुलाब चंद प्रसाद ने आपातकाल में उनके साथ अपने जेल जीवन का संस्मरण प्रस्तुत किया. नाथू राम ने उमेश जी को एक दानी और उदार प्रवृत्ति का व्यक्ति बताया. सलिल भारतीय ने आपातकाल में उमेश जी के साथ बिताये यायवरी जीवन पर प्रकाश डालते हुए अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की. संचालक सुशील कुमार ने उनकी विद्वत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया की उमेश जी भौतिक शास्त्र से एम. एस. सी थे लेकिन गणित के प्रसिद्ध शिक्षक हुए . उनकी लिखी गयी गणित की कई पुस्तकें इंटर से लेकर एम. एस. सी . तक के छात्र पढ़ते हैँ . अशोक मानव ने स्वर्गीय पवन श्रीवास्तव की प्रतिमा स्थापित करने में उमेश जी के संकल्प को बताते हुए कहा कि उनके उस संकल्प को हम जरूर पूरा करेंगे.
सभा को उमेश सिंह, कमलेश कुंदन, सरफ़राज़ अहमद, मिंटू सिंह, संजय सिंह आदि ने सम्बोधित करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की. इनके अतिरिक्त बड़ी संख्या में उपस्थित छात्रों ने भी उमेश जी को श्रद्धासुमन अर्पित किया.
सभा के अंत में उमेश जी को दो मिनट की मौन श्रद्धांजलि अर्पित की गयी.