118वां अंजान अज्ञात लवारिस शव को दाह संस्कार किया गया |

लवारिस असहाय लाचार इंसानो को निस्वार्थ भाव से पारदर्शी तरिके से जीते जी अंतिम समय तक जान बचाने के उद्देश्य मात्र को लेकर मानव सेवा करने के साथ-साथ भोजपुर जिले में प्राप्त सड़े-गले क्षत-विक्षत कटे-फटे लवारिस शवो को उनके धर्मो के अनुसार सपूर्दे खाक एवं माटी-मंजिल कराने वाली आरा शहर में एकमात्र इकलौती संस्था संत रविदास जनसेवा संगठन भोजपुर एवं टीम मदर टेरेसा सेवाकर्मी भोजपुर आरा के सयुक्त तत्वाधान में 118वां अंजान अज्ञात लवारिस अधेड़ पुरूष का शव को दाह संस्कार किया गया |
मृत पुरूष का शव बिहिया थाना भोजपुर के एसएचओ के पहल पर स्थानीय चौकीदार काशिनाथ यादव उर्फ प्रधान एवं लवकुश कुमार के द्वारा प्राप्त हुआ समाजिक संगठन संस्था को l
अज्ञात हिन्दू लवारिस शव का पोस्मार्टम करवाकर पहचान हेतु नियमानुसार 72घंटे के लिए आरा सदर अस्पताल के पोस्मार्टम हाउस के शीतगृह केन्द्र में सुरक्षित रखा गया था l

अज्ञात लवारिस मानव शव का विधिवत अपना परिजन वारिस बनकर निस्वार्थ भाव से आरा गांगी श्मशान मानव मोक्ष घाट पर अंतिम क्रियाक्रम के रुप में हिन्दू रितीरिवाज के अनुसार संस्था संस्थापक महासचिव सह समाजसेवी अमरदीप कुमार जय ने 118वीं अज्ञात लवारिस शव के रूप में मुखाग्नी देकर दाह संस्कार करने का बखूबी कार्य किया। संस्था के नियमित मंथली सक्रिय संरक्षक अशोक कुमार श्रीवास्तव रिटायर बैंककर्मी पकड़ी आरा निवासी द्वारा किये हुये आर्थिक सहयोग के बल पर मानव मोक्ष दिलाया गया l
दाह संस्कार कराने से पूर्व सदर अस्पताल शीतगृह केन्द्र आरा में शव को बाहर निकालकर प्लास्टिक में लपेटकर इसके बाद कफन देकर इत्र लगाकार सिविल सर्जन कार्यलय के बाहर ही संस्थापक महासचिव के कर कमलो द्वारा मृत आत्मा के शांति हेतु एक मिनट का मौन धारण कर राम नाम सत्य हैं माई सत्य हैं, गंगिया महरानी की जय आदि नारों के साथ एवं संस्था के सभी सक्रिय सेवाकर्मी एवं सेवादार सदस्यों के तरफ से पुष्प चढ़ा कर श्रद्धांजली अर्पित कर गांगी श्मशान घाट आरा के लिए शव को रवाना किया गया l
दाह संस्कार के इस पुनित नेक कार्य में हौसला बढ़ाने से लेकर प्रेरणास्रोत के रुप में मनोबल बढ़ाकर कार्य किये रहे संस्था के मुख्य संरक्षक मिश्रीलाल वी जैन , अशोक कुमार श्रीवास्तव , समाजसेवी सह संस्थापक महासचिव अमरदीप कुमार जय , सेवादार भोला पंडित , सुरज भोत , जुगली राम , लकड़ी विक्रेता बारू पासवान आदि के साथ गांगी शमशान घाट पर सभी उपस्थित घटवार सबों का भी अज्ञात लवारिस शव को विधिवत अंतिम क्रियाक्रम कर दाह संस्कार करके मानव मोक्ष दिलाने में सक्रिय योगदान रहा।
संजय राय
